प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए युवाओं, तकनीक, रोजगार और शिक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। इस साल के भाषण में युवाओं और भविष्य की तकनीकों पर विशेष जोर दिखाई दिया। प्रधानमंत्री ने अगले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को Artificial Intelligence यानी AI की ट्रेनिंग देने की योजना की घोषणा की। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में युवाओं को नए कौशल से जोड़ना जरूरी है। AI, quantum computing, robotics, space technology और data centres जैसे क्षेत्रों में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में भारत का लक्ष्य केवल इन तकनीकों का इस्तेमाल करना नहीं बल्कि इनके विकास और innovation में भी प्रमुख भूमिका निभाना है।
सरकार की AI training योजना का उद्देश्य बड़ी संख्या में युवाओं को भविष्य की नौकरी और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। आने वाले समय में software development, data analysis, automation, cybersecurity, content creation और कई अन्य क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में AI skills युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। देश में लाखों विद्यार्थी UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। महंगे coaching institutes की फीस कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनती है। मुफ्त online coaching की योजना से आर्थिक रूप से कमजोर और middle-class परिवारों के विद्यार्थियों को मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा सरकार ने semiconductor manufacturing, civil defence, sports talent और nuclear energy जैसे क्षेत्रों में भी योजनाओं की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए technology और manufacturing को महत्वपूर्ण आधार बताया।
AI training और free coaching की घोषणा खासतौर पर युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत में बड़ी संख्या में युवा हर साल education और employment के क्षेत्र में नए अवसर तलाशते हैं। यदि training programmes प्रभावी तरीके से लागू होते हैं तो इससे युवाओं की employability बढ़ सकती है।
हालांकि इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव implementation पर निर्भर करेगा। Training कितने युवाओं तक पहुंचती है, courses की quality कैसी रहती है और training के बाद employment या entrepreneurship के अवसर कितने बनते हैं—ये आने वाले समय में महत्वपूर्ण सवाल होंगे।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री का इस साल का Independence Day address युवाओं और technology-centric development पर केंद्रित रहा। AI skills, free coaching और emerging technologies पर जोर यह संकेत देता है कि सरकार आने वाले वर्षों में भारत की युवा workforce को नई digital economy के लिए तैयार करने पर बड़ा फोकस कर रही है।